भारतीय शेयर बाजार ने 22 दिसंबर 2025 को जोरदार वापसी की है। कई दिनों की गिरावट के बाद, बाजार में व्यापक खरीदारी देखी गई, जिससे सेंसेक्स 500 अंकों से ज्यादा उछलकर 85,461.19 के इंट्रा-डे हाई तक पहुंच गया। वहीं, निफ्टी ने 26,100 का स्तर पार करते हुए 26,148.15 अंक तक की छलांग लगाई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 200 अंकों की बढ़त के साथ खुला और जल्द ही 450 अंकों से ज्यादा चढ़ गया। यह तेजी मेटल, आईटी और बैंकिंग सेक्टर की मजबूती से आई, जहां टेक महिंद्रा, टीसीएस, हिंडाल्को और इंफोसिस जैसे शेयरों ने 1-2% की बढ़त दर्ज की। जबकि कुछ शेयर जैसे एशियन पेंट्स और बजाज फाइनेंस में हल्का दबाव रहा, लेकिन कुल मिलाकर बाजार सकारात्मक रहा। वैश्विक संकेतों, रुपये की मजबूती और विदेशी निवेशकों की वापसी ने इस रैली को हवा दी। निवेशकों के लिए यह एक बड़ा मौका है, लेकिन क्या यह तेजी बनी रहेगी? आइए विस्तार से समझते हैं।

बाजार की तेजी के 5 प्रमुख कारण
इस रैली के पीछे कई महत्वपूर्ण कारक काम कर रहे हैं, जो बाजार को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं। सबसे पहले, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की जोरदार खरीदारी। हालिया सत्रों में FII ने करीब 1,800 करोड़ रुपये की नेट खरीदारी की, जिससे बाजार में लिक्विडिटी बढ़ी और सेंटीमेंट मजबूत हुआ। FII की वापसी भारतीय अर्थव्यवस्था में विश्वास की निशानी है, खासकर जब वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता हो। दूसरा, ग्लोबल रेट कट की उम्मीदें। अमेरिका में महंगाई नरम पड़ने और ग्रोथ संतुलन से ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ी है। इससे ग्लोबल फंड फ्लो उभरते बाजारों जैसे भारत की ओर लौटा, जो हमारी इकोनॉमी को बूस्ट दे रहा है।
तीसरा, आईटी सेक्टर की मजबूती। इंफोसिस, टीसीएस और विप्रो जैसे शेयरों में 1-2% की तेजी आई, जो अमेरिकी टेक शेयरों की रिकवरी, एआई/क्लाउड डील्स और डॉलर की स्थिरता से प्रेरित है। आईटी कंपनियां भारत की एक्सपोर्ट ग्रोथ का बड़ा हिस्सा हैं, इसलिए इनकी मजबूती पूरे बाजार को सपोर्ट करती है। चौथा, बैंकिंग और वित्तीय सेक्टर का योगदान। निजी बैंक और NBFC में खरीदारी बढ़ी, क्रेडिट ग्रोथ के भरोसे और एसेट क्वालिटी के सुधार से। ब्याज दरों की स्थिरता ने इन सेक्टरों को हेवीवेट इंडेक्स को ऊपर धकेलने में मदद की। आखिर में, रुपये की मजबूती। डॉलर के मुकाबले रुपये ने मजबूत पकड़ बनाई, जिससे करेंसी रिस्क कम हुआ और FII का भरोसा बढ़ा। ये कारक मिलकर बाजार को एक मजबूत आधार दे रहे हैं, लेकिन निवेशकों को वैश्विक घटनाओं पर नजर रखनी चाहिए।
भविष्य की संभावनाएं और निवेश टिप्स
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी साल के अंत तक जारी रह सकती है, खासकर अगर विदेशी निवेशक खरीदारी जारी रखें और वैश्विक संकेत सकारात्मक रहें। भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत है, कंपनियों के तिमाही नतीजे अच्छे आ रहे हैं, और रुपये की स्थिरता आयात-निर्यात बैलेंस को सपोर्ट कर रही है। हालांकि, चुनौतियां भी हैं जैसे ग्लोबल जियोपॉलिटिकल टेंशन या अमेरिकी फेड की पॉलिसी में बदलाव। भविष्य में, बाजार 86,000 के सेंसेक्स और 26,500 के निफ्टी स्तर को टारगेट कर सकता है, लेकिन वोलेटिलिटी बनी रहेगी। निवेश टिप्स: लॉन्ग-टर्म निवेशक आईटी और बैंकिंग सेक्टर पर फोकस करें, जहां ग्रोथ पोटेंशियल ज्यादा है। शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को FII फ्लो और ग्लोबल न्यूज पर नजर रखनी चाहिए। डाइवर्सिफिकेशन जरूरी है – म्यूचुअल फंड्स या ETF में निवेश करें ताकि रिस्क कम हो। हालिया गिरावट को खरीदारी का मौका मानें, लेकिन ओवर-इन्वेस्टमेंट से बचें। कुल मिलाकर, यह रैली निवेशकों के लिए एक गोल्डन ऑपर्चुनिटी है, लेकिन स्मार्ट स्ट्रैटेजी के साथ। बाजार की इस उड़ान से जुड़ी अपडेट्स के लिए जुड़े रहें!

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